अमेठी मुठभेड़: स्मृति ईरानी बनाम के.एल. शर्मा नहीं, बल्कि 10 साल की मेहनत बनाम 40 साल की निष्ठा

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Lok Sabha Election 2024: उत्तर प्रदेश की लोकसभा सीट अमेठी में मतदान 20 मई को होगा, और यह मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (BJP) की स्मृति ईरानी बनाम कांग्रेस के के.एल. शर्मा का नहीं, बल्कि 10 साल की कड़ी मेहनत बनाम 40 साल की वफादारी का है। न्यूज़18 ने अमेठी का दौरा किया, जो कभी कांग्रेस का गढ़ माना जाता था, और यहां के लोगों की राय जानी।

विकास बनाम वफादारी

अमेठी के निवासी स्मृति ईरानी की पिछले 10 वर्षों की मेहनत की तारीफ करते हैं। उन्होंने बताया कि कैसे ईरानी ने इस क्षेत्र के लोगों के साथ जुड़ाव बनाए रखा। वहीं, कुछ लोग मानते हैं कि के.एल. शर्मा की कांग्रेस के प्रति वफादारी उन्हें जीत दिलाएगी। कुछ ने बेरोजगारी और महंगाई को प्रमुख चुनावी मुद्दा बताया, जबकि अन्य का कहना है कि कांग्रेस BJP को कड़ी टक्कर देगी।

स्मृति ईरानी की उपलब्धियां

पिछले 10 वर्षों में अमेठी में बड़े पैमाने पर विकास कार्य हुए हैं। जगदीशपुर के निवासी प्रमोद शर्मा कहते हैं, “चाहे वह लंबे समय से प्रतीक्षित बाईपास परियोजना हो, एक्सप्रेसवे हो या अस्पताल में चिकित्सा सुविधाएं हों, स्मृति दीदी ने पिछले 10 वर्षों में यह सब सुनिश्चित किया। पिछले तीन दशकों में जो विकास नहीं हुआ, वह पिछले 10 वर्षों में हुआ।”

राहुल गांधी की आलोचना

कुछ लोगों ने राहुल गांधी की 2004 से 2014 के बीच के कार्यकाल की आलोचना की और कहा कि गांधी-नेहरू परिवार की तुलना में BJP की स्मृति ईरानी ने लोगों की समस्याओं का समाधान बेहतर तरीके से किया है।

वहीं, कुछ लोग कहते हैं कि अमेठी के लोग चुनाव में दिल की सुनते हैं और गांधी-नेहरू परिवार उनके दिल में है। तिवारीपुर के निवासी मनोज मिश्रा कहते हैं, “यह मायने नहीं रखता कि उम्मीदवार के.एल. शर्मा हैं या कोई और, महत्वपूर्ण है पार्टी। हमारा वोट कांग्रेस को जाएगा और अमेठी के लोग इस बार कांग्रेस को सत्ता में लाएंगे।”

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अमेठी का राजनीतिक इतिहास

अमेठी, जिसे पहले छत्रपति साहूजी महाराज नगर के नाम से जाना जाता था, 1967 में एक निर्वाचन क्षेत्र के रूप में स्थापित हुआ। यह लंबे समय तक कांग्रेस का गढ़ रहा है, जिसे नेहरू-गांधी परिवार के प्रमुख सदस्यों ने प्रतिनिधित्व किया है, जिनमें राहुल गांधी, सोनिया गांधी, संजय गांधी और राजीव गांधी शामिल हैं।

2019 का चुनाव और बदलाव

2019 के आम चुनाव में, बीजेपी की स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के राहुल गांधी को हराकर एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत दिया। ईरानी ने 4,68,514 वोटों के साथ जीत हासिल की, जबकि गांधी को 4,13,394 वोट मिले। यह जीत पिछले चुनावों से एक बड़ा बदलाव दिखाती है। 2014 में, राहुल गांधी ने 4,08,651 वोटों के साथ सीट जीती थी, जबकि ईरानी को 3,00,748 वोट मिले थे।

इस चुनावी मुकाबले में कौन जीतेगा, यह तो समय ही बताएगा, लेकिन अमेठी के लोगों की राय और उनकी प्राथमिकताएं इस बार के चुनाव को खास बनाती हैं।

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नमस्ते मेरा नाम नितेश मौर्या है और मैं अपडेट न्यूज का मुख्य संपादक हूँ अपडेट न्यूज एक ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल है जहां पर आपको रोज़ की योजनाओं, पालिटिक्स, बिजनेस इत्यादि से संबंधित ताज़ा खबर एक अपडेट मिलती रहेगी।

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